राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद गोरखपुर।

कर्मचारी व शिक्षक संगठनों का प्रयास लाया रंग चुनाव आयोग की रिपोर्ट को दरकिनार कर चुनाव ड्यूटी में कोविड से मरे जनपद के लगभग 76 कर्मचारियों को मुख्यमंत्री ने दिया तीस – तीस लाख की आर्थिक मदद, चुनाव आयोग ने सिर्फ 03 कर्मचारी के मृत्यु होने की भेजी थी रिपोर्ट, परिषद इसके लिए मुख्यमंत्री को बहुत बहुत धन्यवाद दिया,कहा कि सरकार ने कर्मचारियों के हितों को पहली बार माना, और शासन ने गोरखपुर के लिए अवमुक्त किया 23 करोड़ रुपया जो शीघ्र ही मृतक कर्मचारी के परिजनों को मिलेगा।मुख्यमंत्री इसी प्रकार कर्मचारी हितों की रक्षा के लिए सहमति लंबित मांगों को पूरा कर, न्यूनतम 25000 + महंगाई पेंशन की गारंटी दे,इससे पूरे प्रदेश का कर्मचारी समाज आपका ऋणी रहेगा।

गोरखपुर 19 सितंबर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के एक आवश्यक महत्वपूर्ण बैठक परिषद के कैंप कार्यालय हांसुपुर में संपन्न हुई जिसकी अध्यक्षता परिषद के अध्यक्ष रूपेश कुमार श्रीवास्तव व संचालन मंत्री श्री अश्वनी श्रीवास्तव ने किया। बैठक को संबोधित करते हुए श्री रुपेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि कर्मचारी संघ व शिक्षक संगठनों के संघर्ष का परिणाम है कि जहां चुनाव आयोग ने सिर्फ तीन कर्मचारियों की कोरोना से चुनाव ड्यूटी में मृत होने की रिपोर्ट लगाई थी, वही कर्मचारी संगठनों के मांग पर मुख्यमंत्री जी ने जिले के 76 कर्मचारियों को कोविड़ से मृतक मानते हुए उनके परिवार जनों को 30 30 लाख रुपए आर्थिक मदद एवं एक मृतक आश्रित को नौकरी की घोषणा भी किए हैं, उक्त आर्थिक सहायता के धनराशि भी सरकार ने गोरखपुर के लिए 23 करोड़ अवमुक्त कर दिया है जो शीघ्र कर्मचारियों के परिजनों को दिया जाएगा। इसके लिए परिषद माननीय मुख्यमंत्री जी को बधाई देता है तथा हृदय से आभार व्यक्त करता है कि उन्होंने कर्मचारियों की बाते सुनी। संचालन कर रहे मंत्री अश्वनी कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि सरकार और कर्मचारियों के बीच जिन मांगों पर वर्षों सहमति बनी है उन मांगों को सरकार यथाशीघ्र पूरा करे, व एनपीएस कर्मचारियों को न्यूनतम 25000 + महंगाई भत्ता के पेंशन की गारंटी दे जिससे कर्मचारी रिटायरमेंट के बाद भी एक सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर सकें, कर्मचारी नेताओं ने कहा कि सरकार कुछ आवश्यक मांगो जैसे दीनदयाल कैशलेस इलाज जिसका मुख्यमंत्री ने स्वयं घोषणा किया था एवं माननीय मुख्यमंत्री जी का ड्रीम प्रोजेक्ट है और कैबिनेट से पास भी हुआ है इसे सरकार से पूरा करें एवं निलंबित भत्ते बहाल करें, वेतन विसंगतियों को दूर करे, संविदा व आऊट सोर्सिंग को नियमित करते हुए सभी पदों पर नियमित कर्मचारियों की भर्ती चुनाव के पूर्व किया जाए, और कर्मचारी पेंशनरों का डेढ़ वर्ष के महंगाई भत्ते का एरियर जो की वेतन का हिस्सा है उसे भी शीघ्र दिया जाए, और चुनाव से पूर्व सभी मांगों को सरकार पूरा कर कर्मचारी हितों की रक्षा करे, इससे कर्मचारियों का आक्रोश भी दूर हो जाएगा व कर्मचारी आजीवन सरकार का ऋणी रहेगा, तथा कर्मचारी समाज के परिवार जन उनके मित्र व शुभचिंतक आने वाले चुनाव में इस सरकार को दोबारा वापसी का मौका देंगे। इसके साथ ही परिषद के पदाधिकारियों ने सभी कर्मचारी शिक्षकों से अपील किया है कि सभी लोग अपने-अपने विभागों में मृतक कर्मचारी आश्रितों की नौकरी लगवाने में मदद करें, यदि कोई भी अधिकारी/कर्मचारी इसके लिए घुस मांगता है तो सीधे जिलाधिकारी महोदय गोरखपुर से संपर्क करें, या परिषद के हेल्पलाइन नंबर 94541 16616. जो परिषद अध्यक्ष रूपेश कुमार श्रीवास्तव का मोबाइल नंबर है से संपर्क करें!
बैठक में गोविंद , अमरनाथ यादव,भारतेन्दु यादव, वरुण बैरागी,तारकेश्वर शाही, मदन मुरारी शुक्ला, अनूप कुमार श्रीवास्तव इंजी० श्रीनाथ गुप्ता, इंजी० बृजेश द्विवेदी, अजय सोनकर, बृजेश श्रीवास्तव,अनिल द्विवेदी, प्रभूदयाल सिन्हा, सत्यप्रकाश श्रीवास्तव, विनीता सिंह,विजय शर्मा, मो० आरिफ, जयराम गुप्ता, अरुण द्विवेदी, इजहार अली, रामधनी पासवान, फुलई पासवान, पृथ्वीनाथ गुप्ता, योगेंद्र चौबे, कृष्नमोहन गुप्ता, नुजरत हुसैन वीर सिंह, राम मिलन पासवान उमेश, अरविंद सिंह, फूलचंद मौर्या, आदि लोग उपस्थित रहे।

प्रेषक

रूपेश कुमार श्रीवास्तव
अध्यक्ष
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद
गोरखपुर।
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आज का अपराध न्यूज़
रिपोर्ट/आशीष भट्ट ज़िला गोरखपुर।

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