ओ साथी रे तेरे बिना भी क्या जीना


ज़िला अलीगढ़/चंडौस l क़स्बा चंडौस के नई बस्ती के रहने बाले बुजुर्ग दम्पति का निधन क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ हैं l कस्बे के 98 वर्षीय करण सिंह प्रजापति इस उम्र में भी पूरी तरह स्वस्थ थे और मिलनसार स्वभाव के चलते कस्बे धूमते हुए सभी का हाल, चाल पूछते रहते थे l रात को करीब 2 बजे उन्हें घबराहट हुई जब तक परिजन उनको किसी डॉक्टर के पास लेकर जाते तब तक उनकी मृत्यु हो चुकी थी l बुजुर्ग करण प्रजापति के मौत के बाद घर में विलाप शुरू हो गया और उनकी 96 वर्षीय पत्नी हरदेवी भी पति के शव के पास बैठ कर विलाप कर रही थी l परिजन सुबह होने का इंतजार कर रहे थे l करीब 5 बजे हरदेवी अचानक से पति के शव के पास ही लुढ़क गई लोगों ने समझा कमजोरी होने के कारण लेट गई हैं l लेकिन जब उनको उठा कर दूसरी जगह लिटाने का प्रयास किया तो पता चला कि हरदेवी के भी प्राण,पखेरू उड़ चुके हैं l परिवार में एक साथ दो सामान्य मौत होने लोग आश्चर्यचकित थे l धीरे,धीरे पुरे कस्बे सहित क्षेत्र में इसकी चर्चा शुरू हो गई l जिसने भी सुना वह इस बुजुर्ग दम्पति के बीच के प्यार को नमन करता दिखाई दिया l दोपहर को मृतक दम्पति के पार्थिव शरीर को दूल्हा, दुल्हन कि तरह सजाया गया जिसके बाद कस्बे के मोछधाम में दोनों का साथ में अंतिम संस्कार किया गया l बुजुर्ग दम्पति ने अपने पीछे 64 लोगों का भरा, पूरा परिवार छोड़ा हैं l

रिपोर्ट/अरुण शर्मा
चंडौस,अलीगढl

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