ज़िला गोरखपुर/न्यूज़ पेपर की खबर पढ़ने के बाद ऐसा लगा कि दोनों आंखों से दृष्टिबाधित मंजिरी के आधार कार्ड बनाने में समस्या हो रही है। मंजरी पीपीगंज में सलाख गांव की है , शाही ग्लोबल हॉस्पिटल की टीम काफी मेहनत के बाद कल इसके गांव पहुंची तो पता चला कि न ही इसके पास रहने के लिए घर है ना पेट भरने के लिए रोजगार। यह किसी और के मकान में रह कर अपना जीवन यापन करती है तथा इसका पति रिक्शा चलाकर या मजदूरी करके पूरे परिवार का भरण पोषण करता है ।आधार कार्ड न होने की वजह से सरकार द्वारा दी गई सुविधाएं नहीं मिल पाती थी जब मुझे पता चला इस जमाने में भारत की नागरिकता होने के बावजूद अगर कोई दिव्यांग है तो उसका आधार कार्ड जरूर बनना चाहिए। हो सकता है की यह दोनों आंख से अंधे होने की वजह से आधार कार्ड सेंटर नही जा पा रही हो । मैंने अपनी गाड़ी भेज कर इसको गोरखपुर बुलाया तथा पार्क रोड पर ,सिटी मॉल के सामने यस बैंक के मैनेजर विश्वजीत राय, पत्रकार शिवानंद सिंह उर्फ गुड्डू भैया ,पूर्वांचल डायग्नोस्टिक सेंटर के मैनेजर श्याम के सहयोग से आज मैंने इसका आधार कार्ड बनवाया। आधार कार्ड बनने के बाद प्रधानमंत्री आवास योजना, राशन वितरण, ढेर सारी सुविधाएं हैं जो मिल सकती है। आप लोगो से अनुरोध है कि अगर किसी व्यक्ति को कोई भी गरीब, लाचार, बेसहारा मिलता है तो इसकी सूचना आप शाही ग्लोबल अस्पताल को दें पूरी कोशिश रहेगी की उसका पूरा मदद किया जाए।

डॉक्टर शिव शंकर शाही
निदेशक, शाही ग्लोबल हॉस्पिटल तथा प्रांत अध्यक्ष सक्षम गोरक्ष प्रांत।
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आज का अपराध न्यूज़
रिपोर्ट/आशीष भट्ट गोरखपुर।

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