राज्य विद्युत परिषद प्राविधिक कर्मचारी संघ उत्तर प्रदेश
इकाई: शाखा अलीगढ़ लाल दिग्गी पर किया गया धरना

दिनांक 22 नवम्बर 2021को
राज्य विद्युत परिषद प्राविधिक कर्मचारी संघ उत्तर प्रदेश
इकाई: शाखा अलीगढ़
जिला/परियोजना मुख्यालय लालडिग्गी अलीगढ़ समेत प्रदेश के समस्त जिला व परियोजना मुख्यालयों पर तकनीकी कर्मियों ने प्रारम्भ किया 48 घंटों का क्रमिक अनशन
आर-पार की लड़ाई के लिए लामबंद हुए प्रदेश भर के 20000 टैक्नीशियन कर्मी।
प्रदेशव्यापी आंदोलन के इस सातवें चरण में समस्त जिलों में क्रमिक अनशन उपरान्त मा.मंत्री-गणों/ जन प्रतिनिधि-गणों के माध्यम से मा.मुख्यमंत्री जी को सम्बोधित ज्ञापन किया जायेगा प्रस्तुत।
ऊर्जा प्रबन्धन द्वारा मांगो के सापेक्ष परिणामी आदेश न जारी किये जाने पर 29.11.2021 से शक्ति भवन लखनऊ पर आमरण अनशन/भूख हड़ताल की जायेगी शुरू

22 नवम्बर 2021 से समस्त ऊर्जा निगमों के अंतर्गत तैनात टैक्नीशियन (टी.जी.2)कर्मियों का प्रतिनिधित्व करने वाले एकमात्र कैडर संघ – राज्य विद्युत परिषद प्राविधिक कर्मचारी संघ उत्तर प्रदेश द्वारा शीर्ष ऊर्जा प्रबन्धन के तानाशाही रवैये व अन्यायपूर्ण नीति के विरोध में विगत 40 दिनों से जारी 8 चरणों के प्रदेशव्यापी चरणबद्ध आंदोलन के सातवें चरण में जिला परियोजना मुख्यालय लाल डिग्गी अलीगढ़ समेत प्रदेश के समस्त जिला एवं परियोजना मुख्यालयों पर 48 घंटों क्रमिक अनशन प्रारम्भ किया गया।

संघ के रजनीश मतेला(जिला अध्यक्ष) ने बताया कि संघ द्वारा जारी जारी प्रदेशव्यापी चरणबद्ध आंदोलन प्रदेश के अनुसार दिनांक 22.11.2021 से लगातर 48 घंटे का लगातार कार्मिक अनशन सभी ज़िला मुख्यालय पर सम्पन्न किया जाएगा और यशस्वी माननीय मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार को सम्बोधित ज्ञापन प्रस्तुतीकरण किया जाएगा। उन्होंने कहा विभाग में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करने वाला टैक्नीशियन संवर्ग वर्षों से उपेक्षा का शिकार रहा है परंतु आज प्रदेश का एक एक तकनीकी कर्मी हठधर्मी प्रबन्धन से आर-पार की लड़ाई के लिए लामबंद हो चुका है। उन्होंने बताया कि यदि प्रबन्धन द्वारा पूर्व में सम्पन्न द्विपक्षीय वार्ताओं में बनी सहमतियों की अनुरूपता में परिणामी आदेश नहीं जारी किये जाते हैं तो दिनांक 29.11.2021 से संघ सदस्य अमरण अनशन के साथ ही जेल भरो आंदोलन के लिए भी कमर कस चुके हैं संघ के नवेद इक़बाल (जिला सचिव) ने बताया कि तकनीकी कर्मियों की जायज मांगों/ समस्याओं यथा ग्रेड-पे विसंगति, आमेलन, बिना अतार्किक सेवा बाध्यता के प्रोन्नति, एक अग्रिम इंक्रीमेंट, पट्रोल भत्ता व उत्पादन निगम में प्रोन्नति कोटा समेत अन्य जायज मांगों की जानबूझकर अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि आंदोलन के कारण आम उपभोक्ताओं को विद्युत आपूर्ति सुचारू रूप से होती रहे इसलिए अभी विरोध प्रदर्शन में विद्युत उपकेंद्रों की परिचालन व्यवस्था हेतु तैनात तकनीकी कर्मियों को इस सातवें चरण आंदोलन कार्यक्रम से भी मुक्त रखा गया है परंतु यदि प्रबन्धन यूं ही हठधर्मिता पे कायम रहा तो दिनांक 03.12.2021 से आंदोलन के चरण में विद्युत उपकेंद्रों के परिचालन में कार्यरत कर्मियों को शामिल किये जाने पर विचार किया जा रहा है, जिससे स्थिति विद्युत आपूति व्यवस्था भी चरमरा सकती है।
संघ के राजीव कुमार (कोषाध्यक्ष) ने बताया कि चरणबद्ध आंदोलन के छः चरण सम्पन्न होने के बावजूद ऊर्जा प्रबन्धन हठधर्मिता व दमकारी नीति पर आमदा है जिससे न केवल ऊर्जा विभाग अपितु कर्मचारी हितों के प्रति दृण संकल्पित प्रदेश की वर्तमान प्रदेश सरकार की छवि भी कहीं न कहीं धूमिल हो रही है। उन्होंने कहा कि पूर्व में ऊर्जा विभाग के मुखिया यशस्वी ऊर्जा मंत्री पं•श्रीकांत शर्मा के द्वारा टैक्नीशियन कर्मियों की समस्याओं का निस्तारण कराये जाने हेतु निर्देशित किये जाने के उपरांत भी ऊर्जा प्रबन्धन द्वारा परीक्षण/आख्या/पत्रावली के नाम पर हीलाहवाली किया जाना अत्यंत ही निन्दनीय एवं दुर्भाग्यपूर्ण है।
जिला मुख्यालय लाल डिग्गी अलीगढ़ पर 48 घण्टे चलने वाले शान्तिपूर्ण क्रमिक अनशन कार्यक्रम के पहले दिन समस्त जिला पदाधिकारी-गणों समेत भारी संख्या में तकनीकी कर्मियों द्वारा प्रतिभाग किया जिसमें मुख्य रूप से विनोद कुमार, भुवनेश , रमेश पाल , निर्देशक,दहवीर, भूपेंद्र रावत, रवेंद्र, कमल माहौर,विक्रम सिंह, चन्द्रकांत व अन्य उपस्थित रहे।

रिपोर्ट उपवेन्द्र राजपूत

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