लखीमपुर खीरी पंजाबियों का सबसे बड़ा त्यौहार लोहड़ी अलीगढ़ में सिख समाज लोहड़ी पर्व के रंग में रंग चुका है। केंद्रीय गुरुद्वारा बैकुंठ नगर में विशाल आयोजन होगा। यहां शहरभर के सिख समाज के लोग एकत्र होंगे। यहां भांगड़ा और गिद्धा नृत्य के साथ पर्व की खुशियां मनाई जाएंगी। लोहड़ी पर्व अधिकतर मकर संक्रांति से एक दिन पहले पड़ता है। रविवार को केंद्रीय गुरुद्वारा बैकुंठ नगर में यह पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। सिख समाज के लोग नये परिधान पहनकर पहुंचते हैं। आग जलाकर उसके चारों ओर नृत्य करते हैं। गुरुद्वारा के प्रवक्ता संदीप गांधी ने बताया कि इस बार 11 ऐसे जोड़े हैं, जिनकी पहली लोहड़ी पड़ रही है। उनके लिए तो यह दिन खास हो जाता है
शहरभर से जुटता है सिख समाज

केंद्रीय गुरुद्वारा बैकुंठ नगर में शहरभर से सिख समाज जुटता है। स्वर्णजयंती नगर, महावीर पार्क, घनश्यामपुरी, सुदामापुरी, नई बस्ती, छर्रा अड्डा पुल के नीचे, सारसौल संत रविदास नगर आदि स्थानों से सिख समाज के लोग आते हैं।

खुशियों का है पर्
मेरे घर में नया मेहमान आया है। सच, मेरे लिए तो खुशियां दोगुनी हो गई हैं। रविवार को पति रोहन के साथ जमकर खुशियां मनाऊंगी।
मनजीत कौर
शादी के बाद यह पहली लोहड़ी है। मैंने पति रौनक के साथ पहले ही नये कपड़े खरीद लिए थे। घर में भी तैयारी कर ली है। बस, गुरुद्वारे पहुंचकर सभी के साथ खुशियां मनानी हैं।

सोनम सिंह पिंकी सोनिया
मैं तो एक हफ्ते पहले से तैयारियों में जुटी थी। पति तनप्रीत और परिवार के साथ लोहड़ी का त्योहार मनाऊंगी। गुरुद्वारे की रौनक देखने लायक होती है।

मनमीत कौर नवदीप कौर प्रियंका भाटिया
गुरुद्वारे में पहुंचकर पंजाब की याद ताजा हो जाती है। यहां पूरे शहर से समाज के लोग जुटते हैं। एक साथ नृत्य होता है सभी मस्ती में सराबोर हो जाते हैं।

प्रभजीत कौर मनजीत कौर गुरमीत कौर सोनम सिंह

लोहड़ी पर पूरा परिवार एक साथ होता है। इतनी खुशी होती है कि उसे बयां नहीं कर सकती हूं। शाम को गुरुद्वारा पहुंचकर सभी के साथ त्योहार मनाऊंगी।

इशदीप सिंह बूटा सिंह मक्खन सिंह लक्खा सिंह
पति समित के साथ मैंने एक हफ्ते पहले ही खरीदारी कर ली थी। लोहड़ी पर्व पर ही पंजाबी गीत और नृत्य का आनंद उठाने को मिलता है। सभी के साथ जमकर नृत्य करुंगी।

प्रियम गांधी सोनम प्रियंका नगमा

दुल्हा भट्टी ने कराया था विवाह

धर्म प्रचारक भूपेंद्र सिंह ने कहा कि लोहड़ी पर दुल्हा भट््टी की प्रसिद्ध लोककथा याद आ जाती है। दुल्हा भट्टी प्रसिद्ध योद्धा थे। एक गरीब की दो बेटियां सुंदरी-मुंदरी थीं। उनसे एक मुगल शासक जबरन शादी करना चाहता था। मगर, दोनों की सगाई कहीं और हुई थी। शासक के भय से दोनों बहनों के ससुराल वाले नहीं आ रहे थे। यह जानकारी दुल्हा भट्टी को हो गई। उन्होंने दोनों बहनों की शादी एक जंगल में लाकर करवाई और स्वयं कन्यादान किया। दुल्हा ने शगुन में उन्हें शक्कर दिया। ‘सुंदरिये…मुंदरिये हो…तेरा कौन विचारा हो, दुल्हा भट्टी वाला हो, लुल्हे घी ब्याही हो, सेर शक्कर पाई होÓ गीत गाया गया। भूपेंद्र सिंह ने कहाकि इस समय खेतों में गेहूं, सरसों और चने की फसल लहलहाती हैं, उन्हें देखकर लोगों का मन प्रफुल्लित हो उठता है।

मूंगफली के भाव कुछ हल्के

इस बार मूंगफली के भाव सस्ते हैं। पिछली बार 80 रुपये किलो तक थी इस बार 70 रुपये प्रति किलो बिक रही है। गजक-रेबड़ी के दाम मात्र 10 से 15 रुपये महंगे हुए हैं। गजक 170 रुपये, 220 और 260 रुपये प्रति किलो है। रेबड़ी 150 से 180 रुपये किलो है। लोहड़ी और मकर संक्रांति को देखते हुए खरीदारों की भारी भीड़ रही।

पंजाबी परिधान पहन गीतों पर थिरके

इनरव्हील क्लब ऑफ अलीगढ़ झलक ने लोहड़ी व मकर संक्रांति का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया। गूलर रोड स्थित गायत्री पैलेस में पंजाबी गीतों पर क्लब की पदाधिकारियों ने भांगड़ा और गिद्धा नृत्य किया। क्लब की पदाधिकारी पंजाबी परिधान में थी तो वहां के खेत-खलिहान की झांकी भी प्रस्तुत की गई। अध्यक्ष काजल धीरज ने सभी को पर्व की बधाई दी। कार्यक्रम में रेनू, रश्मि, शीतल, गरिमा, मोना, भावना, ममता, रेखा, भारती, खुशी, निक्की, सीमा, श्रुति, कोकिला, रिचा कपिला मेनका रिचा गायत्री पूनम मीना सोनम रचना मंगला आदि थीं।

रिपोर्ट वर्षा सिंह लखीमपुर खीरी
आज का अपराध न्यूज़

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