लखीमपुर खीरी, राज नहीं सेवा का नारा देकर आई उत्तर प्रदेश कि योगी सरकार अब मिलावट खोरों के खिलाफ एक्शन लेने की तैयारी चल रही है कुछ दिनों में त्यौहारी सीजन शुरू हो गया है। अगर आप मिठाई खरीद रहे हैं और आपको मिठाई की गुणवत्ता को लेकर शक है तो आप इसकी शिकायत भी कर सकेंगे सरकार बहुत जल्द एक हेल्प लाइन नंबर जारी करने की तैयारी चल रही है हेल्पलाइन मौके पर आकर मिठाई के सैंपल लेगी और यदि उसमें कोई मिलावट पाई गई तो संबंधित दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

त्योहारी सीजन में मिठाई में मिलावट की समस्या आम है। कई जगह मिलावटी मिठाई बेची जाती है। इसके साथ ही त्योहारों पर डिमांड अधिक होने के कारण कई दुकानदार पहले से ही भारी मात्रा में मिठाई बनाकर उसे स्टॉक कर लेते हैं। पहले से बनाकर रखी गई मिठाई स्वास्थ्य के लिए काफी हानिकारक है। इसी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वह उसी दुकान से मिठाई खरीदें, जहां उन्हें बिना मिलावट की मिठाई मिलने का भरोसा हो। इसके अलावा अगर मिठाई का रंग ज्यादा है या फिर उसके टेस्ट में कोई बदलाव है तो उसे खाएं नहीं बल्कि उसकी जांच करवाएं।
मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश के योगी आदित्यनाथ व स्वास्थ्य मंत्री की मीटिंग हुई
खाद्य पदार्थो की जांच स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अलग-अलग टीमें बनाकर अलग अलग शहरों में नियुक्त करेंगे और इसके बाद भी यदि कोई ग्राहक चाहे तो वह इन अधिकारियों के पास शिकायत कर सकता है। उसके लिए ईमेल से शिकायत की जा सकती है।

दुकानदारों को चेतावनी मानकों का करें पालन
स्वास्थ्य विभाग ने शहर के मिठाई विक्रेताओं को चेतावनी दी है कि वह मानकों के अनुसार बनी मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थो की ही बिक्री करें। दुकान पर नकली सामान पकड़ा जाता है तो सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी

मिलावटी मिठाई से नुकसान

मिलावटी मिठाई का सेवन स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है, इससे शरीर में कई तरह की बीमारियां जन्म लेती हैं। विशेषज्ञ चिकित्सकों के मुताबिक त्यौहारों के मौके पर खोया एवं रंग बिरंगी मिठाइयों के सेवन से दूर रहना चाहिए। सिंथेटिक खोया, केमिकल रंग से बने मिठाइयों के सेवन से आंत्रशोध, अल्सर, त्वचा रोग बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है। साथ ही किडनी और लीवर को भी नुकसान पहुंचाता है और पाचन तंत्र पर सीधा असर पड़ता है।

ऐसे करें पहचान

त्योंहारों में बिक रही मिलावटी मिठाई की पहचान आप अपने स्तर पर भी कर सकते हैं। मिठाई खरीदने जाएं तो इन तरीकों से पता लगाया जा सकता है कि मिठाई नकली है या नहीं।

अगर मिठाई हाथ में लेने से उसका रंग हाथ पर लग रहा है तो मिठाई में मिलावट हो सकती है।
शुद्ध मावा हमेशा मुलायम होता है। मावे को उंगलियों के बीच मसलें, अगर यह दानेदार लगता है तो मावा मिलावटी है।
मिलावटी खोये की पहचान करने के लिए, फिल्टर पर आयोडीन की दो से तीन बूंदें डालिए। अगर यह काला पड़ जाता है तो इसका मतलब ये मिलावटी है।
मिठाइयों को तेज रंग देने के लिए आर्टिफिशियल रंगों का बड़े पैमाने पर किया जाता है। मिठाइयों के तेज रंग से भी मिठाई के नकली होने का अंदाजा लगाया जा सकता है।

, क्या कहते हैं समाज सेवक वर्मा

लखीमपुर खीरी के गजेंद्र वर्मा सोहनलाल दीप्ति माथुर सुशील मिश्रा दीपक पांडे आदि लोगों ने बताया कि सिर्फ सरकार खानापूर्ति पूरी करने के लिए कर रही है मिलावट की मिठाई बेचने वाले कई राजनीतिक नेताओं का इनके ऊपर आशीर्वाद है सिर्फ योगी सरकार ड्यूटी प्रशंसा लूटना चाहती है योगी सरकार के पल्ले कुछ नहीं है सिर्फ फोटो खिंचवाना नुक्कड़ नाटक करना तक सीमित है क्योंकि इसमें कुछ अधिकारी इन मिलावट खोर ओं से महीना इकट्ठा करते हैं वह इन अधिकारियों का घर का खर्चा चलता है दबी जुबान में तो यह भी पता चला है की इन हलवा क्योंकि हर महीने के आखिरी इतवार को एक व्हाइट शीशे वाली दुकान पर गुप्त मीटिंग होती है, क्योंकि इनके ऊपर चंद भारी भरकम सरकारी अधिकारियों का छत्रछाया है

लखीमपुर खीरी से वर्षा सिंह की खास रिपोर्ट

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here