क्या आप जानते हैं कि इतिहास में एक शाहजहां और हैं जिन्हें भी शानदार इमारते निर्माण कराने का शौक था नाम उनका भी शाहजहां था पर वह महिला थीं यानी शाहजहां बेगम भोपाल की नवाब

नवाब शाहजहां बेगम का जन्म 30 जुलाई 1838 में भोपाल में हुआ इनके पिता नवाब जहांगीर मोहम्मद ख़ान बहादुर भोपाल के शासक थे अभी मात्र छह साल की थी कि पिता का इंतेकाल हो गया दस्तूर के मुताबिक यह भोपाल की नवाब बनीं लेकिन अल्प आयु थीं इस लिए सरकारी काम काज इनकी मां नवाब सिकंदर बेगम ने संभाला सन् 1868 में तीस साल की उम्र में मां का भी इंतेकाल हो गया उसके बाद यह पूरे अधिकारों के साथ नवाब बनीं और 1901 में अपनी मृत्यु के समय तक भोपाल की नवाब रहीं
इनकी शादी 1855 में बाकी मोहम्मद खां नुसरत जंग बहादुर से हुई जिनका 1867 में इंतकाल हो गया इस प्रकार वह मात्र 29 साल की उम्र में बेवा बन गईं तीन साल बाद खानदान वालों के दबाव में दूसरी शादी का फैसला किया और विश्व स्तरीय आलिम नवाब सिद्दीक हसन खां कन्नौजी से इनकी शादी हुई नवाब सिद्दीक हसन खां कन्नौजी बहुत बड़े आलिम व लेखक थे उनकी लिखी हुई किताबों की संख्या 250 से अधिक है

नवाब शाहजहां बेगम फारसी भाषा की शायरा थीं ताजूर व शीरीं इनके तखल्लुस थे मसनवी सिद्कुल बयान , ताजुल कला और दिवाने शीरीं इनके शेर के दीवान हैं इसके अतिरिक्त वह कई किताबों की लेखिका भी थीं जिनमें तहजीबुन्निसवां ( महिलाओं के संस्कार ) काफी मशहूर हुई
वह बहुत ही अच्छी शासनाध्यक्षा थीं उन्होंने जनता की भलाई के लिए बहुत कार्य किए अस्पताल बनवाएं उनके समय में चेचक के टीके का अविष्कार हुआ जनता के बीच विभिन्न प्रकार की अफवाहें फैली हुई थीं उन्हें दूर करने के लिए सबसे पहले अपने बच्चों को टीका लगवाया सिंचाई का इंतजाम किया टैक्स मे कटौती की
अक्तूबर 1900 में इन्हें कैंसर हो गया ग्यारह महीने इस बीमारी से जूझती रहीं और आखिर में हार गईं
इन्ना लिल्लाहे व इन्ना इलेहे राजेऊन

*ताजुल_मसाजिद*
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इन्होंने जिन भवनों का निर्माण कराया उनमें भोपाल की शानदार मस्जिद ताजुल मसाजिद बहुत प्रसिद्ध है आज से तीस साल पहले यह मस्जिद विश्व की सबसे बड़ी मस्जिद मानी जाती थी अब विश्व में कई बड़ी मस्जिदें बन गई हैं लेकिन फिर भी यह विश्व की बड़ी मस्जिदों में से एक है यह चार लाख वर्ग मीटर में बनी है और 175000 नमाजियों के लिए गुंजाइश रखती है
*शाहजहां_मसजिद_वोवकिंग*
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यह इंग्लैंड में पहली मस्जिद थी इस से पहले लोग घरों में नमाज पढ़ते थे नवाब शाहजहां बेगम ने इंग्लैंड का दौरा किया और वहां मुस्लिम स्टूडेंट्स के कहने पर मस्जिद का निर्माण कराया
*भोपाल_का_ताजमहल*
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इन्होंने अपने रहने के लिए रंगमहल के नाम से एक महल बनवाया था जिसे उसकी खूबसूरती के कारण भोपाल का ताजमहल कहा जाता है यह बहुत शानदार इमारत थी 13 वर्ष में बन कर तैयार हुई थी अफसोस देख भाल की कमी के कारण इसकी खुबसूरती बाकी नहीं रही और इसमें लगे हुए सामान लोग लूट ले गए
इसके अतिरिक्त अस्पताल , ईदगाह और दूसरे भवनों का निर्माण भी किया गया

*अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी* के बनाए जाने में भी इन्होंने दिल खोलकर मदद की इनकी बेटी नवाब सुल्तान बेगम और नवासे नवाब हमीदुल्ला खान AMU के चांसलर रह चुके हैं

पुरूष शाहजहां हमें याद हैं पर महिला शाहजहां को हम भूल गए

इरफान खान बांगरमऊ उन्नाव

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