बांगरमऊ (उन्नाव) कस्बा बांगरमऊ के मोहल्ला प्रेमगंज निवासी जयराम पुत्र स्व० मटरू का मोहल्ले में निजी मकान है। उक्त मकान व ज़मीन पर कब्ज़ा करने की नीयत से कुछ स्थानीय दबंग भूमाफियाओं द्वारा बाकायदा जेसीबी मशीन लेे जाकर जयराम का मकान गिरा दिया गया। जिसकी खबर चलाना बांगरमऊ के एक स्थानीय पत्रकार को महंगा पड़ गया।कस्बा लेखपाल सौरभ ने पत्रकार को फर्जी मुकदमे में फसाने व जान से मारने की धमकी से डाली।
पूरा मामला ये है कि,जयराम निवासी प्रेम गंज का मोहल्ले में निजी मकान था। जयराम के अनुसार कस्बा लेखपाल सौरभ की मिलीभगत से स्थानीय दबंग भूमाफियाओं ने 2 दिन पूर्व बकायदा जेसीबी मशीन ले जाकर जयराम का मकान गिरा दिया। घटना के समय जयराम का परिवार अपने गांव गया हुआ था। जानकारी होते ही वह बांगरमऊ कस्बा अपने मकान पर पहुंचा और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी चालक सहित मौके से ही पांच अन्य लोगों को गिरफ्तार किया। इसी खबर को बांगरमऊ के पत्रकार इरफान खान के द्वारा प्रकाशित किया गया। जिससे आग बबूला होकर बांगरमऊ कस्बे के लेखपाल सौरभ ने पत्रकार इरफान को फर्जी मुकदमे में फंसाने और जान से मारने की धमकी दी, सौरभ ने पत्रकार से कहा बड़े पत्रकार बने फिरते हो सारी हेकड़ी निकाल दूंगा, साथ ही लेखपाल ने पत्रकार को फर्जी मुकदमों में फंसाने व जान से मारने की धमकी भी दी। पत्रकार इरफान ने इसकी सूचना अपने साथी पत्रकारों को दी। सभी पत्रकारों ने संगठित होकर एसडीएम बांगरमऊ को मय सबूत शिकायती प्रार्थना पत्र दिया, और लेखपाल सौरभ को बर्खास्त करने की मांग की। साथ ही पत्रकार इरफान ने उपजिलाधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र में कस्बा लेखपाल द्वारा दी गई धमकी के दृष्टिगत अपनी जान माल की सुरक्षा की भी मांग की है । बताते चलें जब से बांगरमऊ तहसील का प्रभार लेखपाल सौरभ को दिया गया है तब से गाहे-बगाहे यह चर्चा बनी रहती है कि लेखपाल सौरभ भूमाफियाओं से मिलकर ग्राम समाज व गरीबों की जमीन पर पैसे लेकर कब्जा करवाने में माहिर है। इनके भ्रष्ट आचरण की तहसील में भी काफी चर्चा है। चर्चा यह भी है कि उक्त लेखपाल को तहसील के ही एक अधिकारी का पूर्ण सरंक्षण प्राप्त है। इन सभी बिंदुओं को दृष्टिगत रखते हुए अब देखने वाली बात यह होगी कि उपजिलाधिकारी बांगरमऊ लेखपाल सौरभ पर क्या कार्रवाई करते हैं। करते भी हैं या नहीं? क्योंकि लेखपाल के द्वारा खुद पत्रकार को उक्त मामले में फोन करना इस बात का द्योतक है कि कहीं ना कहीं जयराम का मकान कब्जा करवाने वाले प्रकरण में लेखपाल की संलिप्तता अवश्य है।

रिपोट विजय बहादुर सिहं उन्नाव

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here