आलीगढ़:-सेहत बनाने के लिए युवा प्रोटीन के सेवन पर सबसे अधिक ध्यान देते हैं। डाइट में प्रोटीन को नियमित रूप से शामिल किया जाता है। युवा हेल्थ सप्लीमेंट से भी प्रोटीन ले रहे हैं लेकिन पैसा कमाने के लिए तेजी से आर्टिफिशियल सामान बाजार में बेचा जा रहा है।

खुद को फिट रखने के लिए युवा इन दिनों अपनी सेहत पर अधिक ध्यान दे रहे हैं। सेहत बनाने और वजन कम करने के लिए प्रोटीन को डाइट में शामिल करना सबसे जरूरी है। इससे प्रोटीन की मांग बढऩा लाजिमी है। ऐसे में कहीं आप भी तो आर्टिफिशियल प्रोटीन नहीं खा रहे। इसलिए जब भी अंडा या व्हे प्रोटीन या अन्य हेल्थ सप्लीमेंट बाजार से लाएं उसकी जांच जरूर कर लें। आइए जानते हैं कि इनकी जांच कैसे की जाए।

क्या है व्हे प्रोटीन

प्रोटीन एक प्रकार का प्रोटीन सप्लीमेंट है। इसे जिम और बॉडी बिल्डिंग करने वाले अधिक उपयोग करते हैं। यह एक पूर्ण प्रोटीन होता है। इसमें दूध से मिलने वाले प्रोटीन का 20 फीसद उपयोग किया जाता है। यह प्रोटीन ब्रांच अमीनो एसिड के बेस्ट सोर्स में से एक होता है। इसमें ल्युसिन होता है जो मसल्स बनाने के लिए बेहतरीन माना जाता है।

ऐसे पहचानें व्हे प्रोटीन या हेल्थ सप्लीमेंट

– नकली उत्पाद में हमेशा नाम को लेकर कुछ गलती होती है। नामी कंपनी के कलर या लोगो को की नकल कर इसकी पैकिंग की जाती है।

– मैन्युफेक्चरिंग डेट को जरूर देखें क्योंकि कुछ उत्पाद में बनने की तारीख आगे की होती है यानी 2018 में खरीदते वक्त सप्लीमेंट पर 2019 लिखा होता है।

– सप्लीमेंट खरीदते वक्त एलओटी नम्बर जरूर चेक करना चाहिए। अगर इसकी बनावट गलत है तो आपको मान लेना चाहिए की सप्लीमेंट नकली है।

– सील और होलोग्राम चेक करें अगर उत्पाद के सील से छेडख़ानी की गई होगी तो पता चल जाएगा। होलोग्राम से भी प्रोडक्ट के आर्टिफिशियल होने का पता लग जाता है।

– बार कोड या क्यूआर कोड चेक करें। सबसे कारगर और सही तरीका यही है कि आप बार कोड या क्यूआर कोड की जांच कर लें। इसे ऑनलाइन चेक किया जाता है और ये नकली न होने का सबसे पक्का सबूत होता है।

विशेषज्ञ की राय

हेल्थ सप्लीमेंट खरीदते समय सावधानी जरूरी है। नकली उत्पाद आपके सेहत को नुकसान पहुंचाते हैं। पैकिंग पर पूरा पता और बैच नंबर जरूर जांच लें। नकली कंपनी सप्लीमेंट के नाम पर एस्टेरॉयड बेचती हैं।

सहायक आयुक्त, खाद्य विभाग

अधिक प्रोटीन भी पहुंचाता है नुकसान

विशेषज्ञों की राय है कि अधिक मात्रा में प्रोटीन का सेवन शरीर को नुकसान पहुंचाता है। इससे शरीर में कीटोंस की मात्रा बढ़ जाती है, जोकि विषैला पदार्थ है। कीटोंस को शरीर से बाहर निकालने के लिए शरीर को अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ती है। इस पूरी प्रक्रिया में शरीर से ज्यादा पानी बाहर निकल जाता है, इजिससे डीहाइड्रेशन भी हो जाता है। अधिक व्यायाम करने वालों में ऐसा अधिक होता है। ऐसी डाइट को कीटोजोनिक डाइट भी कहते हैं। इसके अलावा किडनी की समस्या से जूझ रहे लोगों को भी उच्च प्रोटीन डाइट से परहेज रखने की सलाह दी जाती है। किडनी रक्त में प्रोटीन को भी शुद्ध करने का काम करती है। अधिक प्रोटीन डाइट लेने से किडनी पर दवाब अधिक पड़ जाता है। हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. एससी साहू के अनुसार स्टेरॉयड युक्त प्रोटीन सप्लीमेंट्स सेहत को सिर्फ नुकसान ही पहुंचाते हैं। किडनी और लीवर की कार्यप्रणाली प्रभावित होती है। त्वचा पर झुर्रियां भी आ जाती हैं।

उपवेन्द्रकुमार राजपूत
आज का अपराध अलीगढ़
9411418066

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