उन्नाव गंगा तलहटी क्षेत्र के एकांत इलाके में संचालित एक आरा मशीन पर लगातार जारी लकड़ी चिरान लोगो मे चर्चा का विषय बना हुआ है।किंतु यह वैध है या अवैध इससपर विभागीय कर्मचारी चुप्पी साधे हुए है जिससे कई तरह के सवाल खड़े होते दिख रहे है।पूछे जाने पर क्षेत्रीय दरोगा द्वारा इसे बन्द करवा दिए जाने की बात कही गयी है जबकि यह खेल बदस्तूर जारी है।बांगरमऊ क्षेत्र स्थित गंगा तलहटी के गांव भिखारीपुरवा व भगवंतपुरवा के निकट आसपास के सभी मुख्य मार्गो से हटकर गांव के बाहर पगडंडी मार्ग के किनारे लगी एक आरा मशीन पर पिछले लंबे समय से प्रतिबंधित तथा गैर प्रतिबंधित सभी प्रकार की लकड़ियों का चिरान कार्य संचालित हो रहा है कुछ स्थानीय लोग बताते है वाहनों के माध्यम से दूर दराज के लोग इस जगह पर अपनी लकड़ियों को चिरान करवाने लाते है।कुछ लोगो का कहना है। शीशम,आम,महुआ आदि कुछ कीमती लकड़ियों का चिरान कार्य कुछ तयसुदा क्रम के अनुसार किया जाना प्रतीत होता है कहा जा रहा है कि जो भी प्रतिबंधित लकड़ी चिरान हेतु आती भी है तो उसे दिनरात एक कर जल्दबाजी में चिरान के बाद मौके से जल्द ही रवाना कर दिया जाता है।तो वही कुछ सूत्रों की माने तो इस आरा मशीन के माध्यम से कुछ रसूकदार लकड़ी कारोबारियों की लकड़ी का अधिक कार्य किया जाता है जबकि कभी कभार क्षेत्रीय लोग भी यहां पहुँच जाते है।इस बावत पूंछे जाने पर वन दरोगा पप्पू यादव द्वारा बताया गया कि यह मशीन चोरी से लगवाई गयी थी जिसे उखड़वा दिया गया है।किन्तु बुधवार तक इस मशीन पर चिरान का कार्य बदस्तूर जारी है अब वन दरोगा द्वारा आखिर झूठ क्यो बोला गया यह रहस्य बरकरार बना हुआ है।

इरफान खान उन्नाव

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