उतरौला (बलरामपुर) शहर के गोण्डा मोड़ तिराहे पर सात दिवसीय श्रीमद भागवत कथा का आयोजन छेदी लाल जायसवाल द्वारा किया गया। बृहस्पतिवार को समापन के अवसर पर आचार्य पंडित विनोद शास्त्री जी महाराज ने भगवान श्री कृष्ण के जीवन चरित्र को बताते हुए उनकी जीवनी का कथा वाचन किया। सात दिवसीय इस आयोजन में प्रतिदिन संध्या में श्रद्धालुओं की संख्या दिनोंदिन बढ़ती गयी। अपने प्रवचन के दौरान

आचार्य प. विनोद शास्त्री जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से सीख लेने की जरूरत बताते हुए कहा कि भक्तों के दुखों के तारणहार की संज्ञा दी। भगवान श्रीकृष्ण- सुदामा के अटूट रिश्तों व संबंधों को बताते हुए उनके सदविचार व सहजता को बतलाया तथा कहा भगवान श्रीकृष्ण और मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान राम हमेशा से अपने श्रद्धालुओं व भक्तों की भक्ति को निराश नहीं किया। सात दिनों तक भगवान श्रीकृष्ण के भक्ति की गंगा बहती रही। इस दौरान कई आकर्षक झांकियां प्रस्तुत की गयी। जिसे श्रद्धालुओं ने सराहा। प्रवचन के दौरान भगवान श्री राम को मर्यादा पुरूषोत्तम बताया तथा उनके जीवन के कई पहलुओं को कथा के रूप में बताया। वृहस्पतिवार को प्रवचन के दौरान कृष्ण-सुदामा का मनोरम झांकी प्रस्तुत किया। अरे द्वारपालो, कन्हैया से कह दो, सुदामा द्वार पर खड़ा है..झांकी की प्रस्तुति देख श्रद्धालु झूम उठे।

ब्यूरो :संतोष गुप्ता जिला बलरामपुर

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