जल्दबाजी के चक्कर में लोग जीवन दांव पर लगाने से भी परहेज नहीं कर रहे हैं। लखनऊ-कानपुर हाईवे पर बने अवैध कट इसका जीता-जागता उदाहरण है। हाईवे की निर्माणदायी संस्था पीएनसी द्वारा इन कटों को बंद तो कराया गया पर देखरेख के अभाव में लोगों ने फिर से डिवाइडर तोड़कर अवैध कट बना लिए। ऐसा इसलिए कि प्रतिष्ठान संचालकों को मुकदमे की घुड़की तो दी जाती है पर पुलिस द्वारा कार्रवाई नहीं होती। लखनऊ-कानपुर हाईवे पर जाजमऊ से बनी बार्डर तक कई ऐसे स्थान हैं, जहां डिवाइडर तोड़कर अवैध कट बना दिए गए। जाजमऊ से गदनखेड़ा बाईपास तक डिवाइडर तोड़कर कुल 13 अवैध कट बनाए गए हैं। इसी तरह दही चौकी इंडस्ट्रियल एरिया के पास तीन कट लोगों की जान जोखिम में डाल रहे हैं। तत्कालीन हरीश कुमार द्वारा पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि जिस प्रतिष्ठान के सामने अवैध कट मिले उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए। उनके जाने के बाद आदेश को टोकरी में डाल दिया गया। अजगैन थाना क्षेत्र में मुर्तजानगर नहर के पास दो कट, बशीरतगंज जाने वाले मोड के पास एक, जगदीशपुर मोड़ के पास एक, यहीं से एक किमी के अंतराल में पेट्रोल पंप के सामने दो कट, इसके साथ अजगैन से सोहरामऊ के बीच 11 अवैध कट बनाए गए हैं। एक साल के अंतराल में अवैध कट से निकलने की कोशिश में 11 लोगों ने दुर्घटना में जान गवां दी। जबकि 23 लोग घायल हुए। करीब तीन माह पूर्व अजगैन के बसीरतगंज में अवैध कट से निकलने में स्कूटी सवार की मौत हो गई थी, जबकि दो घायल हुए थे। वहीं गुंजन सह, एसई पीएनसी ने बताया कि अवैध कट और अतिक्रमण के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। शीघ्र ही हाइवे के अवैध कट बंद कराए जाएंगे। इस मामले में उन्नाव पुलिस अधीक्षक माधव कुमार वर्मा का कहना है कि हाईवे के सभी थानाध्यक्षों को निर्देश दिए जाएंगे कि जिस प्रतिष्ठान के सामने अवैध कट बना है उसे एक बार हिदायत दें। इसके बाद दोबारा कट बना मिले तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे।

रिपोर्ट मोहम्मद इरफान खान बांगरमऊ उन्नाव

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