विश्व सिर चोट विश्व दिवस पर विशेष
उत्तर प्रदेश में सड़क हादसे को लेकर काम करने वाली उत्तर प्रदेश की एक मात्र सामाजिक संस्था ब्रज यातायात एवं पर्यावरण जन जागरूकता समिति रजि उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष विनोद दीक्षित ने विश्व सिर चोट दिवस पर विशेष बातचीत में बताया आज विश्व सिर की चोट दिवस ( World Head Injury Day

● सिर की चोट से सम्बंध में जागरूकता बढ़ाने के लिए हर साल 20 मार्च को विश्व सिर की चोट दिवस मनाया जाता है
●मस्तिष्क की चोटें – रुग्णता, मृत्यु दर, विकलांगता सामाजिक-आर्थिक हानि का प्रमुख कारण
●भारत में हर साल लगभग 10 लाख मौत
●भारत में प्रमुख कारण सड़क यातायात दुर्घटनाएँ, गिरना, हिंसा
● सभी तरह की चोटों में शराब की भागीदारी 20%
*सिर का खयाल रखें*
●सिर की चोट की गंभीरता-कोमा में मौत, मौत
●खराब नियम विनियमन और बिना अनुशासन के कारण भारत में सिर की चोट की उच्चतम दर है
●भारत में 6 में से 1 की मृत्यु हो जाती है, जबकि अमेरिका में यह दर 200 में से 1 है
● समस्त सिर की चोट से अधिकतर मृत्यु पहले 2 घंटे में हो जाती है।
●चोट पैटर्न – प्राथमिक चोट और चोट के आगे के प्रभाव ,यह मृत्यु दर और विकलांगता का मुख्य कारण है।
●सिर की चोट का जल्दी और उचित प्रबंधन रोगी के अस्तित्व के लिए महत्वपूर्ण है
●भारत में 95% पीड़ितों को शुरुआती घण्टो में उचित देखभाल नही मिल पाती
●TBI ( सिर की चोट ) का परिणाम , अस्पताल से पूर्व देखभाल पर ज्यादा सम्बन्धित होता है
●20 -40 साल की उम्र में सबसे अधिक शिकार , परिवार के मुख्य अर्जक, इसीलिए इसका समाज पर बोझ ज्यादा पडता है।
●पैदल यात्री और 2 पहिया वाहन सबसे आम शिकार हैं
वैश्विक डेटा
● हर साल लगभग 50 मिलियन सिर की चोट
●मृत्यु लगभग 2 से 3 मिलियन
●मृत्युदर -97/100000
● सभी चोटों में सबसे ज्यादा लोग 45 वर्ष से कम आयु के लोग होते हैं, (70% )
भारतीय डाटा
● सड़क दुर्घटनाओं के कारण सभी TBI का 60%
●घातक दर: प्रति 10000 वाहन 70
●विकसित देशों की तुलना में 25 गुना अधिक है
●शराब की भागीदारी: TBI का 15-20%
●गंभीर टीबीआई में 38 से 43% मृत्यु दर
●प्रत्येक 6 से 10 मिनट में एक व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है;
विश्व सिर की चोट जागरूकता दिवस

सिर की चोट से बचने के लिए सावधानियाँ क्योंकि यदि दिमाग सुरक्षित है तो आप सुरक्षित हैं

👉🏻 सभी दुपहिया वाहन चालकों एवं सवारी को अच्छी गुणवत्ता का हेलमेट पहनना चाहिए।
👉🏻शराब पीकर वाहन न चलाएं।
👉🏻चार पहिया वाहन में सीट बेल्ट का इस्तेमाल करें।
👉🏻वाहन चलाते समय मोबाइल का प्रयोग न करें।
👉🏻अवयस्कों(18 साल से नीचे) को वाहन न चलाने दें।
👉🏻बच्चों को पेड़ पर न चढ़ने दें।
👉🏻छतों पर ऊंची चाहर दिवारी बनबानी चाहिए।
👉🏻सीढ़ियों , छतों पर पर्याप्त रोशनी का इस्तेमाल होना चाहिए।
👉🏻ट्रैफिक नियमों का पालन करना चाहिए। मैं और मेरी टीम ब्रज यातायात एवं पर्यावरण जनजागरूकता समिति रजि उत्तर प्रदेश लगातार लोगों को जागरूक करने का काम पिछले 10 वर्षों से कर रहे हैं हमारा उद्देश्य है कि हम अपने समाज में होने वाली मृत्यु दर को कम कर सकें इसलिए सभी लोगों को खासकर टू व्हीलर वालों को हेलमेट लगाकर ही वाहन चलाना चाहिए l फोटो परिचय ब्रज यातायात एवं पर्यावरण जनजागरूकता समिति रजि उत्तर प्रदेश अध्यक्ष विनोद दीक्षित जानकारी देते हुए

रिपोर्ट उपवेन्द्र कुमार

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