उन्नाव। औरास के मोहल्ला कटरा ठाकुरहना में देखे गए स्वाइन फ्लू के लक्षण जहां पर एक ही परिवार के आधा दर्जन सदस्यों को स्वाइन फ्लू होने की पुष्टि से हड़कंप मच गया सभी को इलाज के लिए लखनऊ में ले जाया गया टीम के सदस्य डॉ संजय कुमार ने बताया कि पीड़ित मरीजों वह संपर्क में रहने वाले रहने वालों को दवाएं दी गई है तथा बचाव के तरीके भी बताए गए हैं
स्‍वाइन फ्लू नामक बीमारी तेजी से अपने पैर पसार रही है। हाल ही में, इस बीमारी ने भारत में भी दस्‍तक दे दी है। स्वाइन फ्लू का वायरस बहुत संक्रामक है। यह एक इनसान से दूसरे इनसान के बीच बहुत तेजी से फैलता है। इंफ्लूएंजा ए स्‍वाइन फ्लू वायरस के एक प्रकार ‘एच-1-एन-1‘ द्वारा संक्रमित व्‍यक्ति द्वारा दूसरे व्‍यक्ति को भी फैल सकता है
स्वाइन फ्लू में 100 डिग्री से ज्यादा का बुखार आना आम बात है। साथ ही सांस लेने में तकलीफ, नाक से पानी बहना, भूख न लगना, गले में जलन और दर्द, सिरदर्द, जोड़ों में सूजन, उल्टी और डायरिया भी हो सकता है। स्वाइन फ्लू से डरने या घबराने की जरूरत नहीं है। क्‍योंकि यह लाइलाज बीमारी नहीं है। थोड़ी सी एहतियात बरतकर इस बीमारी पर काबू पाया जा सकता है।
भारतीय घरों में तुलसी आसानी से उपलब्‍ध हो जाती है। तुलसी में मौजूद एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-वायरस दोनों प्रकार के तत्वों के कारण यह सबसे लाभकारी जड़ी-बूटी मानी जाती है। यह किसी की भी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ा सकती है। इसलिए ऐसा तो नहीं कहा जा सकता कि यह स्वाइन फ्लू को बिल्कुल ठीक कर देगी, लेकिन ‘एच1एन1’ वायरस से लड़ने में निश्चित रूप से सहायक हो सकती है। तुलसी से लाभ पाने का सबसे आसान तरीका है कि हर रोज इसकी पांच अच्छी तरह से धुली हुई पत्तियों का इस्तेमाल करें

रिपोर्ट मोहम्मद इरफान खान बांगरमऊ उन्नाव

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