ट्रक मृतक को रौंद कर फ़रार। पुलिस नें लाश को क़ब्ज़े में लेकर कराया पोस्टमार्टम।

बलरामपुर पालिका परिषद नें मनीष ओझा के नाम से गाड़ियों से वसूली का ठेका दिया है। मनीष ओझा नें गाड़ियों से वसूली के लिए कुछ युवकों की भर्ती भी कर रक्खी है। इसी के तहत मनीष ओझा के लिए मृतक शानू (25) भी वर्दी और परिचय पत्र के साथ दिनाँक 21/22 जुलाई की देर रात्रि में वसूली कर रहा था कि तभी रात्रि लगभग दो बजे युवक को कोई गाड़ी रौंद कर भाग गई जिससे मौके पर ही युवक की दर्दनाक मौत हो गई।मृतक एक ग़रीब परिवार से है और उसी के काँधों पर परिवार की ज़िम्मेदारी थी। जनचर्चा की बात करें तो मृतक युवक जो ड्यूटी करते समय दुर्घटना का शिकार हुआ है क्या ठेकेदार की पीड़ित परिवार के प्रति कोई ज़िम्मेदारी नहीं बनती ? क्या क़ानूनी तौर पर पीड़ित परिवार को मुआवज़ा नहीं मिलना चाहिए ? क्या इन वसूली कर्मी के लिए कोई क़ानूनी नियम भी हैं ? क्या दुर्घटना में शिकार होने पर घायल होने पर मौत होने पर सम्बंधित ठेकेदार की जवाब देही या मोआवज़े का कोई प्रावधान है ? ऎसे में ज़िला प्रशासन को भी ज़रूरी क़दम उठाना चाहिए ताकि ग़रीबों को इंसाफ़ मील सके ?

संवाददाता सन्तोष गुप्ता
उतरौला (बलरामपुर)

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here